One Liner Status in Hindi

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  1. ना तंग कर…..जीने दे …..ऐ जिन्दगी ….. तेरी कसम हम….तेरे आगे हार गये है……

  2. क्या खूब मजबूरियां थी मेरी भी अपनी ख़ुशी को छोड़ दिया ” उसे ” खुश देखने के लिए

  3. हल्की सी हो चुकी है नाजुक पलके मेरी …. मुद्दतो बाद इन नजरो से गिरा है कोई …

  4. कुछ चीजें रोने से नहीं सब्र करने से मिलती हैं।

  5. दवा जब असर ना करे, तो नज़रेंउतारती है माँ …… ज़नाब, ये हार कहाँ मानती है

  6. शिकवा तकदीर का ना शिकायत अच्छी, खुदा जिस हाल मे रखे वही जिंदगी अच्छी

  7. इंसान तो हर घर में पैदा होता है पर इंसानियत कहीं -कहीं ही जनम लेती है।

  8. ना जाने कौन से गुनाह कर बैठे हैं। … जो तमन्नाओं की उम्र में तज़ुर्बे मिल रहे हैं।

  9. दीवार में चुनवा दिया है सब ख्वाइशों को….. अनारकली बन कर बहुत नाच रही थी मेरे सीने पर

  10. लफ्ज़ बीमार से पड़ गये है आज कल…..एक खुराक तेरे दीदार की चाहिए

  11. नाज़ुक लगते थे जो हसीन लोग … वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले।

  12. इंसान की ख़ामोशी का मतलब ये है कि वो टूट चूका है

  13. अकेले रहने में और अकेले होने में फर्क होता है

  14. कहाँ पूरी होती है दिल की सारी ख्वाइशें —- कि बारिश भी हो , यार भी हो … और पास भी हो

  15. ना जाने क्यों कोसते हैं लोग बदसूरती को…बर्बाद करने वाले तो हसीन चेहरे होते हैं….!!

  16. हर एक चीज़ में खूबसूरती होती है , लेकिन हर कोई उसे देख नहीं पाता।

  17. कदर होती है इंसान की जरुरत पड़ने पर ही, बिना जरुरत के तो हीरे भी तिजोरी में रहते है…!!

  18. अकेले ही गुजरती है ज़िन्दगी …. लोग तसल्लियाँ तो देते हैं पर साथ नहीं।

  19. चेहरे बदल-बदल कर मिलते है लोग मुझसे…. इतना बुरा सुलूक क्यूँ मेरी सादगी के साथ

  20. अपनातो कोई दोस्त नही  है, सब साले  कलेजे  के टुकडे है ।।

  21. लोग भी बड़े अजीब होते है, गलत साबित होने से पहले माफ़ी नहीं मांगते, बल्कि तालुक तोड़ देते है.

  22. दुनिया में सबसे  ज्यादा वजनदार खाली जेब ☹होती है, चलना मुश्किल हो जाता है

  23. सालो बाद मिले थे, हम एक दूसरे से,उसकी गाडी बड़ी थी और मेरी दाढ़ी..

  24. कहाँ मिलता है कोई समझने वाला , सब समझा कर चले जाते हैं।

  25. आत्महत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर……अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।

  26. झुको उतना ही जितना सही हो, बेवजह झुकना दुसरे के एहम को केवल बढ़ावा देता है।

  27. ज्यादा कुछ नहीं बदला उम्र बढ़ने के साथ , बचपन की ज़िद समझौतों में बदल जाती है।

  28. सादगी अगर हो लफ़्हज़ों में तो “इज़्ज़त ” बेपनाह और “बेमिसाल ” दोस्त मिल ही जाते हैं।

  29. ज़ख़्म तो बहुत है बिना दाग के , जो ज़ख़्म दिल पर हो उसका दाग कैसा

  30. बहुत ख़ास थे कभी हम किसी की नज़रों में … मगर नज़रों के तकाज़े बदलने में देर ही कितनी लगती है।

  31. तेरी याद से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह..

  32. तज़ुर्बा है मेरा…. मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,संगमरमर पर तो हमने …..पाँव फिसलते देखे हैं…!

  33. ये मत कहो ख़ुदा से मेरी मुश्किले बड़ी हैं, ये मुश्किलों से कह दो मेरा ख़ुदा बड़ा है।।।।

  34. “लफ्ज् दिल से निकलते हैं दिमाग से तो मतलब निकलते है.”

  35. मुस्कुराने के बहाने जल्दी खोजो वरना,जिन्दगी रुलाने के मौके तलाश लेगी

  36. भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम – इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है॥

  37. हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…

  38. होठों की हँसी को ना समझ हक़ीक़त-ए-जिंदगी,दिल में उतर के देख हम कितने उदास है..

  39. गज़ब की बात है — पुरुष समझदारी की चक्की में पिस्ते रहे और स्त्रियाँ समझौते की चक्की में….

  40. आपका अपना कौन है ?

    उत्तर : जो किसी और के लिए तुम्हे नज़रअंदाज़ ना करे

  41. जीवन में विपत्ति आना “पार्ट ऑफ़ लाइफ” है … विपत्ति में भी मुस्करा कर शांति से बहार निकलना “आर्ट ऑफ़ लाइफ” है

  42. जरुरत तोड देती है इन्सान के घमंड को…, न होती मजबुरी तो हर बंदा खुदा होता…!!

  43. अंत में लिखी है दोनों की बर्बादी,आशिक़ हो या हो आतंकवादी

  44. मिले तो हजारो लोग थे, ज़िन्दगी में… पर वो सब से अलग थी, जो किस्मत में नहीं थी!

  45. मैं संभलने लगा जब..वह हद से गिरने लगी…

  46. छोटे छोटे कदम मीलों का सफर तय कर सकते हैं। छोटी छोटी बातें भी किसी के जीवन के दुखों को खुशियों में बदल सकती हैं।

  47. ज़िन्दगी की हकीकत को बस इतना ही जाना है !दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है…!

  48. उन्होंने जाते जाते बड़े गुरुर से कहाँ..चल जा तुझ जैसे बहुत मिलेंगे..हमने भी हंस के पूछा मुझ जैसा ही क्यू चाहिए !!

  49. जहाँ “अहंकार” होता है,वहाँ “ज्ञान” लुप्त हो जाता है।

  50. याद में नशा करता हूँ…. और नशे में याद करता हूँ….।।

  51. ॥ यकीन और दुआ नजर नही आते मगर, नामुमकिन को मुमकिन बना देते है॥

  52. हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!

  53. है दफ़न मुझमे कितनी रौनके मत पूछ ऐ दोस्त…..हर बार उजड़ के भी बस्ता रहा वो शहर हूँ मैं!!

  54. बदनाम क्यों करते हो तुम इश्क़ को , ए दुनिया वालो…मेहबूब तुम्हारा बेवफा है ,तो इश्क़ का क्या कसूर..!!

  55. करेगा ज़माना भी हमारी कदर एक दिन , बस ये वफादारी की आदत छूट जाने दो

  56. हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं !समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं !!

  57. कैसे कह दूं की महंगाई बहुत है। मेरे शहर के चौराहे पर आज भी एक रूपये मे कई दुआएँ मिलती है।।

  58. इतना भी मत घुमा ऐ जिन्दगी मै शहर का शायर हु कोई MRF का टायर नही

  59. अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी…! वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है…!!

  60. मंजिल चाहे कितनी भी उंची क्यो ना हो दोस्तो..!! रास्ते हमेशा पेरो के नीचे होते हे..!!

  61. हज़ार बार ली है तुमने तलाशी मेरे दिल की, बताओ कभी कुछ मिला है इसमें प्यार के सिवा..।

  62. तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहाँ कर दो, फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले…

  63. भूख रिश्तों को भी लगती है.. प्यार परोस कर तो देखिये..!

  64. खूबसूरती से धोका, न खाइये जनाब, तलवार कितनी भी खूबसूरत क्यों न हो. मांगती तो खून ही है….!!

  65. न कहा करो हर बार की हम छोड़ देंगे तुमको, न हम इतने आम हैं, न ये तेरे बस की बात है…!!

  66. आज अपनी फालतू चीजें बेच रहा हूँ मैं..!है कोई ऐसा जिसे मेरी शराफत चाहिए..।।

  67. पगली तू बात करने का मौका तो दे, कसम से कहता हु, रूला देंगे तुझे तेरे ही सितम गिनाते गिनाते.

  68. “लफ्ज् दिल से निकलते हैं दिमाग से तो मतलब निकलते है”

  69. तू मांग तो सही अपनी दुआओ मे बददुआ मेरे लिए मै हंसकर खुदा से आमीन कह दूंगा!

  70. अपनी दोस्ती का बस इतना सा असूल है, जो तू कुबूल है…. तो तेरा सब कुछ कुबूल है…

  71. जाता हुआ मौसम लौटकर आया है..काश वो भी कोशिश करके देखे…!!

  72. अपनी मौत भी क्या मौत होगी, यू ही मर जायेंगे एक दिन तुम पर मरते-मरते !

  73. हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं …मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..

  74. ये तेरा वहम है के हम तुम्हे ‪भूल जायेगे..वो ‪शहर तेरा होगा, जहाँ बेवफा लोग बसा करते है..

  75. अन्धकार समस्या नही है, दीपक जलाने के हमारे प्रयासों का अभाव ही समस्या है ।

  76. बेशक खूबसूरत तो वो आज भी है,लेकिन चेहरे पर वो मुस्कान नहीं,जो हम लाया करते थे…!

  77. काश !! OLX पे उदासी और अकेलापन भी बेचा जा सकता

  78. करीब आओ ज़रा के तुम्हारे बिन जीना है मुश्किल,दिल को तुमसे नही..तुम्हारी हर अदा से मोहब्बत है

  79. हो जा मेरी कि इतनी मोहब्बत दूँगा तुझे,लोग हसरत करेंगे तेरे जैसा नसीब पाने के लिए..!!

  80. मैं अपनी मोहब्बत में- बच्चो की तरह हूँ, जो मेरा हैं बस मेरा है किसी और को क्यो दुँ

  81. आज सोचा जिंन्दा हुँ, तो घूम लूँ, मरने के बाद तो भटकना ही है…!

  82. युं ही हम दिल को साफ़ रखा करते थे…पता नही था की, ‘किमत चेहरों की होती है’ !

  83. अंग्रेजी की किताब बन गई हो तुम | पसंद तो आती हो पर समझ् मे नही ||

  84. माफ़ी गल्तियों की होती है ..धोखे की नहीं

  85. दुनिया में जितनी अच्छी बातें हैं…सब कही जा चुकी हैं…बस उन पर अमल करना बाकी रह गया है॥

  86. बड़े ही अजब कायेदे हैं मेरे मुल्क के… यहाँ भूख से ज्यादा धर्म पर बेहस होती है॥

  87. महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं

  88. जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं कि उसने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की

  89. आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी

  90. गन्दगी में तो हम सभी हैं, पर कुछ ऐसे भी हैं जो केवल सितारों को ही देखते हैं।

  91. मैं जिससे भी मिला हूँ, उससे प्रभावित हुआ हूँ

  92. गलत कहते है लोग की सफेद रंग मै वफा होती है यारो,अगर ऐसा होता तो आज “नमक”, जख्मो की दवा होती!

  93. सब पूछते है मुझसे मौहब्बत है क्या ? मुस्करा देता हूँ मैं और याद आ जाती है माँ॥

  94. हमसे भुलाया ही नहीं जाता, एक मुखलिस का प्यार;लोग जिगर वाले हैं, जो रोज नया महबूब बना लेते हैं!”

  95. अपून के गली मेँ संभाल के आना पगली ..! अगर पैर फिसल गया तो सिधे मोहोब्बत मेँ गिरेगी।

  96. ना किसी से ईर्ष्या!..ना किसी से कोई होड़,मेरी अपनी मंजिलें,मेरी अपनी दौड़…

  97. “क्या लिखूँ , अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तों , वो लोग ही बिछड़ गए , जो जिंदगी हुआ करते थे” !!

  98. कितना मुश्किल हे मोहबत की कहानी लिखना,जेसे पानी से पानी पर पानी लिखना ।

  99. दुश्मन बनाने के लिए ज़रूरी नही लड़ा जाए! आप थोड़े कामयाब हो जाओ तो वो ख़ैरात में मिलेंगे …

  100. तज़ुर्बा है मेरा…. मिट्टी की पकड़ मजबुत होती है,संगमरमर पर तो हमने …..पाँव फिसलते देखे हैं…!

  101. आदत नई हमेपीठ पीछे वार करने की !!दो शब्द काम बोलते है पर सामने बोलते है !!

  102. हम शतरंज नही खेलते, क्योंकि दुश्मनों की हमारे सामने बैठने कि औकात नही और दोस्तो के खिलाफ़ हम चाल नही चलते

  103. चलो माना तुम्हारी आदत हैं तडपाना, मगर जरा सोचो अगर कोई मर गया तो…

  104. अगर “बेवफाओं” की अलग ही दुनिया होती तो मेरी वाली वहाँ की “रानी” होती..!!

  105. इक महेबूब लापरवाह इक महोबत बेपनाह दोनो काफी हे सूकून बरबाद करने को!!

  106. वो जो हमसे नफरत करते हैं,हम तो आज भी सिर्फ उन पर मरते हैं,नफरत है तो क्या हुआ यारो,कुछ तो है जो वो सिर्फ हमसे करते हैं।

  107. तेरी याद से ही शुरू होती है मेरी हर सुबह..

  108. हर फैसले होते नहीं, सिक्के उछाल कर.. यह दिल के मामले है.. जरा संभल कर!!

  109. बुरी आदतें अगर वक़्त पे ना बदलीं जायें, तो वो आदतें आपका वक़्त बदल देती हैं

  110. दिल बहलाने के लिये ही गुफ्तुगू कर लिया करो जनाब, मालूम तो मुझे भी है के हम आपको अच्छे नही लगते…

  111. इंसान को बोलना सीखने में दो साल लग जाते हैं लेकिन, क्या बोलना है, यह सीखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है..

  112. दूध का सार है मलाई मे और जिंदगी का सार है भलाई में

  113. कोई इल्जाम रह गया हो तो वो भी दे दो.. पहले भी हम बुरे थे, अब थोड़े और सही…!!

  114. तेरी दुआओ का दस्तुर भी अजब है मेरे मौला.. मुहबबत उन्ही को मिलती है जिन्हे निभानी नही आती..

  115. जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते।

  116. आख़िर तुम भी उस आइने की तरह ही निकले…जो भी सामने आया तुम उसी के हो गए.!!

  117. बचपन में भरी दुपहरी नाप आते थे पूरा महोल्ला, जब से डिग्रियाँ समझ में आई, पाँव जलने लगे

  118. तुझे जैसे चलना है वैसे चल ए ज़िंदगी मेरी… मैने तो तुझसे हर उम्मीद छोड रखी है.. !!!!

  119. इतनी ठोकरे देने के लिए शुक्रिया ए-ज़िन्दगी, चलने का न सही सम्भलने का हुनर तो आ गया ।

  120. ये मत कहो ख़ुदा से मेरी मुश्किले बड़ी हैं, ये मुश्किलों से कह दो मेरा ख़ुदा बड़ा है।।।।

  121. किसी रोज़ याद न कर पाऊँ तो खुदग़रज़ ना समझ लेना दोस्तों, छोटी सी इस उम्र मैं परेशानियां बहुत हैं..!!

  122. मौत को देखा तो नहीं, पर शायद वो बहुत खूबसूरत होगी, कम्बख़त जो भी उस से मिलता है, उसी का हो जाता है ।

  123. प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

  124. कईं रोज से कोई नया जखम न दिया पता करो सनम ठीक तो है न !!

  125. आत्महत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर……अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।

  126. चेहरे “अजनबी” हो जाये तो कोई बात नही, लेकिन रवैये “अजनबी” हो जाये तो बडी “तकलीफ” देते हैं !

  127. तकलीफें तो हज़ारों हैं इस ज़माने में, बस कोई अपना नज़र अंदाज़ करे तो बर्दाश्त नहीं होता !!

  128. लो..बदल गया मिजाज-ऎ-मौसम…. हुबहू तुम्हारी तरह..!!!।

  129. जरा देखो तो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है, अगर ‘इश्क’ हो तो कहना, अब दिल यहाँ नही रहता..

  130. बचपन से बादाम खा रहा हू । तुझे भूलाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।।

  131. दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इंतजार नही करते..

  132. दुख तो अपने ही देते हैं वरना गैरों को कैसे पता की हमें तकलीफ किस बात से होती है…..

  133. दुनिया है छोटी, हम है मुसाफ़िर, कहीं न कहीं तो फिर से मुलाकात होगी.:)

  134. मेरे मिज़ाज को समझने के लिए, बस इतना ही काफी है, मैं उसका हरगिज़ नहीं होता….. जो हर एक का हो जाये।

  135. कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है, ना मोहब्बत का सिला

  136. लगता है बारिश को भी… कब्ज़ हो गयी है… मौसम बनता है पर आती नहीं…

  137. लफ्ज मेरी पहचान बने तो बेहतर है, चेहरे का क्या वो तो साथ चला जाएगा..

  138. घर वालो चिन्ता है इसको कोन मिलेगी, ओर दोस्तो चिन्ता है इसको ओर कितनी मिलेगी

  139. उसे बारिश☂मे भीगना अच्छा लगता है ओर ‪‎मुझे सिर्फ़ बारिश मे भीगती हुयी ‪‎वो

  140. सुबह से दौड रही है चाकू लेकर पगली मेरे पीछे.. मैँने तो मजाक में कहा था “दिल चीर के देख, तेरा ही नाम होगा”

  141. लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है, लेकिन तुफानो में कश्ती निकालने का मजा ही कुछ और है

  142. ये NDA सरकार है यहाँ घोटाला राष्ट्रहित के लिए होता है ।

  143. बाबा रामदेव के पतंजलि की ओर से एक नया बयान जारी.. Google Maps इस्तेमाल ना करें।। स्वदेशी बनें, चाय वाले से रास्ता पूछें !!

  144. खोने की दहशत और पाने की चाहत न होती, तो ना ख़ुदा होता कोई और न इबादत होती

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